हरपालपुर: नगर के वार्ड नंबर 11 स्थित कालका मैरिज हाउस के पीछे रविवार की सुबह एक भीषण हादसा हो गया। घर की छत पर गए दो सगे भाई 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों भाई बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर रिहाइशी इलाकों के ऊपर से गुजरते मौत के तारों और बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
हंसी-मजाक के बीच अचानक छाया मातम
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे साहिल खान (18) और शब्बीर खान (16) अपने मकान की छत पर टहल रहे थे। तभी अचानक छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के शक्तिशाली करंट ने दोनों को अपनी ओर खींच लिया। जोरदार धमाके और नीली चिंगारी के साथ दोनों भाई बुरी तरह झुलसकर वहीं अचेत हो गए। धमाके की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग छत की ओर भागे, जहाँ का मंजर देख सबकी रूह कांप गई।
झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर
परिजन तत्काल दोनों भाइयों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि करंट इतना जोरदार था कि शरीर का काफी हिस्सा बुरी तरह जल चुका है। अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जनता का फूटा आक्रोश: “शिकायत के बाद भी नहीं हटाए तार”
हादसे के बाद पूरे वार्ड में भारी तनाव और विभाग के खिलाफ गुस्सा व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहाइशी इलाके और घरों की छतों के ठीक ऊपर से गुजरती ये हाईटेंशन लाइनें लगातार खतरों को न्योता दे रही हैं। मोहल्ले वालों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग से इन तारों को हटाने या अंडरग्राउंड करने की गुहार लगाई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
सवाल: क्या बिजली विभाग किसी बड़ी बलि का इंतज़ार कर रहा था? घरों के ऊपर से मौत के तारों का गुजरना प्रशासन की घोर लापरवाही है। आज दो मासूमों की जिंदगी संकट में है, इसका जिम्मेदार आखिर कौन है?
