भूमिपूजन आज: इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से प्रारंभ होगा समृद्धि का नया दौर – सांसद लालवानी


इंदौर : शहर के विकास को नई गति देने वाले इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन कार्यक्रम रविवार को होगा। इस महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।

सांसद शंकर लालवानी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह सिर्फ एक इकोनॉमिक कॉरिडोर नहीं, बल्कि इंदौर के लिए एक “ग्रोथ कॉरिडोर” है, जो आने वाले समय में शहर की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।इस परियोजना से इंदौर में अगले 5 वर्ष में 20 हजार करोड़ का निवेश प्राप्त होने की संभावना 2030 तक इंदौर की GDP 1.25 लाख से बढ़कर दोगुना से भी अधिक 2.70 लाख करोड़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
कॉरिडोर से जुड़ी प्रमुख बातें:
– कॉरिडोर के जरिए आईटी, लॉजिस्टिक्स, फिनटेक, एरोसिटी और ग्रीन इंडस्ट्री जैसे सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे

– इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष रूप से 1 लाख से अधिक और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

– पीथमपुर से एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले उद्योगों और कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को सुविधा मिलेगी।
– यहां डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत इंडस्ट्री के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।- यह कॉरिडोर इंदौर और पीथमपुर को आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ेगा।
– कुल परियोजना लागत लगभग 2,500 करोड़ सरकार निवेश करेगी ।
– यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (आगरा–मुंबई) और राष्ट्रीय राजमार्ग-47 (इंदौर–अहमदाबाद) को आपस में जोड़ेगा, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
– कॉरिडोर एयरपोर्ट से जुड़ा होने के कारण उज्जैन–इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के विकास को भी गति देगा।
– पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, पीथमपुर ऑटो क्लस्टर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
सांसद लालवानी ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर को देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में और मजबूत स्थिति देगा।
उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर से न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।

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