बाकल: दमोह मार्ग पर स्थित ढेरा फाटक मोड़ एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। शनिवार को यहां हुए हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह इस स्थान पर लगातार तीसरी दुर्घटना है, जिससे नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लगातार हो रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि ढेरा फाटक मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं। सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।
घटना के समय सभी घायल दमोह जिले के पिपरिया गांव से रिश्तेदारी में पन्ना जिले के अधराड़ जा रहे थे। हादसे के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बाकल स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल कटनी रेफर कर दिया गया। घायलों में थान सिंह उर्फ तोड़ल सिंह गोंड (35), शान उर्फ थाना सिंह (13), ओंमकार गौंड उर्फ जीवन गौंड (25) और साहब सिंह गौंड उर्फ तिलक सिंह (20)। सभी निवासी ग्राम पिपरिया, थाना जबेरा, जिला दमोह के हैं।
खतरे का कारण बना अंधा मोड़
ग्रामीणों के अनुसार ढेरा फाटक का यह मोड़ पूरी तरह ब्लाइंड है। सामने से आने वाले वाहन आखिरी समय तक दिखाई नहीं देते। इसके अलावा सड़क किनारे बनी इरिगेशन पुलिया खुली हुई है, जिस पर न तो रेलिंग है और न ही कोई सुरक्षा कवर। ऐसे में जरा सी चूक भी बड़े हादसे में बदल रही है।
पहले भी हो चुके हादसे, नहीं चेता प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो स्पीड ब्रेकर बनाए गए और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पुलिया को कवर किया जाए, अंधे मोड़ पर स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टिव संकेत लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
