इंदौर: डेली कॉलेज में होने वाले बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है. 2 मई 2026 को चुनाव अधिकारी जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता ने सभी उम्मीदवारों के फॉर्म की स्क्रूटनी करते हुए स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया 27 अप्रैल को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही संचालित की गई.इन नियमों के तहत यह अनिवार्य था कि नामांकन फॉर्म केवल उम्मीदवार स्वयं या अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा मूल प्राधिकरण पत्र के साथ ही लिए जाएं, फॉर्म किसी अन्य को ट्रांसफर नहीं किए जा सकते और भरे हुए फॉर्म उम्मीदवार को स्वयं पहचान प्रमाण के साथ जमा करने होते. जांच के दौरान फाउंडर डोनर्स श्रेणी में दो उम्मीदवारों के नामांकन गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण खारिज कर दिए गए.
अनिरुद्ध प्रताप सिंह का फॉर्म इसलिए निरस्त हुआ क्योंकि उन्होंने स्वयं फॉर्म जमा नहीं किया, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जमा कराया गया और वह फॉर्म किसी दूसरे के नाम पर जारी था, साथ ही कोई वैध प्राधिकरण पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया. इसी तरह नरेंद्र सिंह बिडवाल के मामले में भी कई खामियां सामने आईं, जिनमें व्यक्तिगत रूप से फॉर्म जमा न करना, अधिकृत पत्र का अभाव, पहचान पत्र और फॉर्म में नाम का मेल न होना तथा हस्ताक्षर का सत्यापन न हो पाना शामिल है. इन सभी को गंभीर उल्लंघन मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. वहीं इसी श्रेणी में देवास के विक्रम सिंह पवार और प्रियव्रत सिंह खींची के नामांकन स्वीकार कर लिए गए, क्योंकि दोनों ने नियमों का पालन करते हुए व्यक्तिगत रूप से फॉर्म प्राप्त और जमा किए तथा उनके दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए.
न्यू डोनर्स श्रेणी में अधिकांश उम्मीदवारों को राहत
न्यू डोनर्स श्रेणी में अधिकांश उम्मीदवारों को राहत मिली. राजेश अग्रवाल और हरपाल सिंह भाटिया के फॉर्म सही प्रक्रिया के तहत जमा होने पर स्वीकार किए गए. संदीप पारेख के दस्तावेजों में पिता के नाम की वर्तनी में मामूली अंतर होने के बावजूद इसे गंभीर त्रुटि नहीं माना गया और उनका नामांकन भी स्वीकार कर लिया गया. जयेश पटेल के दो फॉर्म में से एक को सही पाए जाने पर स्वीकार किया गया, जबकि दूसरे में प्रस्तावक के नाम में ओवरराइटिंग के कारण उसे खारिज कर दिया गया. मनवीर सिंह बियास के मामले में रजिस्टर में हस्ताक्षर न होने के बावजूद सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उनकी उपस्थिति की पुष्टि की गई और उनका फॉर्म स्वीकार किया गया. नीरज देसाई का नामांकन भी व्यक्तिगत सत्यापन के बाद मान्य कर दिया गया, जबकि गुरमीत सिंह भाटिया ने अपने नामांकन स्वयं वापस ले लिए.
बात रखने का अवसर दिया
चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा. इसके लिए 3 मई 2026 को डेली कॉलेज के दरबार हॉल स्थित चुनाव कार्यालय में सुनवाई आयोजित की जाएगी. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी.
