जबलपुर: बलात्कार के आरोप में पुलिसकर्मी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा ने याचिका की सुनवाई के करते हुए याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने करने के निर्देश जारी किये है।छतरपुर जिले में पदस्थ पुलिसकर्मी ने बलात्कार के आरोप में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने हाईकोर्ट की शरण ली थी। पीड़ित महिला की तरफ से एफआईआर निरस्त किये जाने का विरोध करते हुए बताया गया कि आरोपी ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ सहवास किया।
आरोपी पुलिस विभाग में सूबेदार के पद पर पदस्थ था, इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज नही की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद महिला थाने में उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गयी। एफआईआर दर्ज करने के लिए उसे रात भर थाने में बैठाकर उसे परेशान किया गया।युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद उक्त आदेश के साथ याचिका को निरस्त कर दिया। पीड़ित महिला की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र पाल सिंह रुपराह व अधिवक्ता सुश्री प्रशांसा बलुआपुरी ने पक्ष प्रस्तुत किया।
