नयी दिल्ली 02 मई (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर एलपीजी सिलेंडर की कमी को देखते हुए सरकार पीएनजी कनेक्शन बढाने में लगी है और अब तक लगभग 5.96 लाख पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन चालू किए गए हैं तथा अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, साथ ही लगभग 6.66 लाख नए ग्राहकों ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट के बारे में एक वक्तव्य जारी कर बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बदलती स्थिति के मद्देनज़र, सरकार ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से समन्वित कदम उठा रही है। वक्तव्य में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) को 100 प्रतिशत आपूर्ति की जाये। वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा औषधि, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति को 2 और 3 मार्च की औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुना कर दिया गया है।
सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई संतुलन उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरियों के उत्पादन को बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग का अंतराल 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन करना और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना, तथा विभिन्न क्षेत्रों को आपूर्ति में प्राथमिकता देना शामिल है।
एलपीजी की मांग का दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज़ को निर्देश दिया है कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं में वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराएं। राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में सुविधा देने की सलाह दी गई है। सरकार ने कहा है कि 9 अप्रैल से अब तक मुम्बई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों द्वारा रासायनिक, औषधि (फार्मा) और पेंट उद्योगों को 10,000 टन से अधिक प्रोपिलीन और 1200 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटिल एक्रिलेट की बिक्री की गई है।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए पूरे देश में अभियान जारी हैं। कल पूरे देश में 1700 से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने आकस्मिक निरीक्षण को मजबूत और जारी रखा है तथा 342 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है, और कल तक 73 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया गया है। अब तक 2,922 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें से पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 30 लोगों को वापस लाया गया है। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

