नयी दिल्ली 02 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) अपने पहले 16-कोच वाली वंदे भारत चेयर कार ट्रेन को गतिशील एवं क्षेत्रीय परीक्षण के लिए रवाना करने के साथ ही इस अत्याधुनिक ट्रेन के निर्माताओं की कतार में शनिवार को शामिल हो गया। रेलवे की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह ट्रेन अत्याधुनिक सीमेंस प्रोपल्शन सिस्टम से सुसज्जित है। रेलवे ने कहा है कि नियमित यात्री सेवा में शामिल होने से पूर्व इस ट्रेन का कंपन परीक्षण किया जाएगा, जिसके माध्यम से इसकी सवारी की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं गतिशील प्रदर्शन का व्यापक परीक्षण एवं सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। वंदे भारत ब्रांड की गति, दक्षता एवं यात्री सुविधा, को ध्यान में रखते हुए, आरेडिका द्वारा निर्मित इस ट्रेन में विश्वसनीयता एवं सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अनेक उन्नत इंजीनियरिंग सुधार को शामिल किया गया है।
रेलवे के अनुसार यह ट्रेन उच्च स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें आरामदायक सीटें, झटके रहित यात्रा, पूर्णतः सील्ड गैंगवे तथा शोर को न्यूनतम करने के लिए स्वचालित प्लग दरवाज़ा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें स्वदेशी ‘कवच’ स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली, उन्नत अग्नि पहचान प्रणाली (एरोसोल आधारित अग्निशमन के साथ) तथा अंडर स्लंग उपकरणों के लिए सुरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध कराई गयी है।
रेलवे ने कहा है कि वैक्यूम इन्फ्यूजन तकनीक के माध्यम से ट्रेन के आंतरिक साज – सज्जा को उच्च गुणवत्ता एवं उत्कृष्ट फिनिशिंग प्रदान की गयी है। यह ट्रेन पूर्णतः दिव्यांगजन-अनुकूल है, जिसमें रैंप, निर्धारित स्थान एवं विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे सभी यात्रियों के लिए समावेशी एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके। आरेडिका रायबरेली द्वारा निर्मित यह नवीनतम वंदे भारत ट्रेन भारत के तेज, सुरक्षित एवं आरामदायक रेल परिवहन के भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह उपलब्धि भारतीय रेल की नवाचार, आत्मनिर्भरता, समावेशन एवं विश्वस्तरीय विनिर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित करती है।
रेलवे ने कहा है कि वंदे भारत की यात्रा वर्ष 2018 में मात्र दो ट्रेनों से प्रारंभ हुई थी और मौजूदा समय में यह 100वें ट्रेन केपड़ाव की ओर अग्रसर है। यह उपलब्धि भारत के कोच आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक रेल तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

