ग्वालियर: ग्वालियर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता ने आज विकास भवन में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा में अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए कहा कि उनका मुख्य फोकस 21वीं सदी के ग्वालियर की जरूरतों को देखते हुए “विकसित भारत 2047” के अनुरूप शहर की आवास समस्या का ठोस समाधान, शहरी सौंदर्यीकरण, पर्यावरण सुधार के साथ सुनियोजित और संतुलित विकास करना होगा। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर, बड़ागांव एवं बेला गांव में सरकारी जमीन प्राप्त कर यहां जीडीए की आवास योजनाएं विकसित करने के विजन को जमीन पर साकार किया जाएगा।
नवनियुक्त उपाध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि 1, रविनगर स्थित ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्यालय विकास भवन की वर्तमान इमारत करीब पचास वर्ष पुरानी होने के कारण अब जीर्ण शीर्ण अवस्था में है, लिहाजा इसे तोड़कर प्राधिकरण मुख्यालय का नवीन अत्याधुनिक हाईटेक भवन बनाने का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में लाया जाएगा। जब तक यहां नवनिर्माण चलेगा, तब तक के लिए प्राधिकरण कार्यालय को माधव प्लाजा स्थित खुद के बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स के रिक्त पड़े परिसर में स्थानांतरित किया जा सकता है।
गुप्ता ने कहा कि स्व. माधवराव सिंधिया के प्रयासों से 5 अक्टूबर, 1979 को स्थापित ग्वालियर विकास प्राधिकरण ने ग्वालियर के चहुंमुखी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जीडीए के माध्यम से शहर के चहुंमुखी विकास के अभियान को द्रुत गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। 6,500 करोड़ की परियोजनाओं, वेस्टर्न बायपास, शताब्दीपुरम फेस-4 जैसी कॉलोनियों के विकास के साथ ग्वालियर को एक सुनियोजित और आधुनिक महानगर के रूप में विकसित करने के लिए सिंधिया निरंतर प्रयासरत हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी आने लगे हैं।
वेस्टर्न बायपास और पुरानी छावनी से झांसी बायपास एवं शिवपुरी लिंक रोड तक आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। जी.डी.ए. ने शताब्दीपुरम फेस-4 में लगभग 7,000 प्लॉट की नई कॉलोनी बसाने की योजना बनाई है। माधव प्लाजा जैसे वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकास कार्यों को तेज करने पर जोर रहेगा। गुप्ता ने अपनी नियुक्ति के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं सीएम डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया।
