जबलपुर: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) इन दिनों अव्यवस्था का शिकार होता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार आरटीओ अधिकारी श्रीमती रिंकू शर्मा के कार्यालय से निकलते ही उनके चैंबर सहित कई कमरों पर ताले लटक जाते हैं। इतना ही नहीं, अधिकांश कर्मचारी भी अपनी सीटों से नदारद पाए जाते हैं, जिससे कार्यालय में सन्नाटा छा जाता है और कामकाज प्रभावित होता है।
आवेदकों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार
आरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग लाइसेंस और वाहन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई आवेदकों ने बताया कि उन्हें अपने काम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। विशेष रूप से नए आवेदकों को फोटो और अन्य प्रक्रियाओं के लिए भी लंबा इंतजार झेलना पड़ रहा है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति से बढ़ रही लापरवाही
उल्लेखनीय है कि किसी भी कार्यालय संचालन में अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जो पूरे तंत्र को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन जब अधिकारी ही अनुपस्थित रहते हैं, तो कर्मचारियों में अनुशासनहीनता बढ़ जाती है। यही कारण है कि अधिकारी के जाते ही कर्मचारी भी काम छोड़कर इधर-उधर हो जाते हैं या कार्यालय से बाहर चले जाते हैं।
कामकाज पर पड़ रहा सीधा असर
संभाग के इस बड़े परिवहन कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। समय पर कार्य न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इनका कहना है
कमिश्नर सर के यहां काम से आई थी, हो सकता है मेरे जाते ही मेरे चैंबर में ताला लगा दिया होगा। लंच का समय है बाकी कर्मचारी भी शायद लंच पर गए होंगे। कामकाज भी कार्यालय में समय पर सुचारु रूप से जारी है।
श्रीमती रिंकू शर्मा, आरटीओ
