भोपाल: जनगणना 2027 को लेकर जनगणना निदेशक कार्तिकया गोयल ने बताया कि आज 1 मई से पहले चरण की शुरुआत की जा रही है, जो 30 मई तक चलेगा।उन्होंने तैयारियों का खाका सामने रखते हुए साफ किया है कि इस बार प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक 1 मई से शुरू हो रहा पहला चरण पूरी तरह मकानों के सूचीकरण और परिवारों की पहचान पर केंद्रित रहेगा, जिसमें प्रगणक एक महीने तक घर-घर जाकर बुनियादी जानकारी जुटाएंगे।
इस चरण में नागरिकों से तय 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी,उधर, अपर सचिव मनीषा सेतिया ने पत्रकारों को जानकारी दी कि इस बार जनगणना में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। स्वगणना का विकल्प देने पर करीब 5 लाख 81 हजार 152 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की है।उन्होंने कहा जिन परिवारों ने पहले ही ऑनलाइन माध्यम से विवरण भर दिया है, उनके यहां केवल सत्यापन की औपचारिकता पूरी की जाएगी, जबकि बाकी घरों में प्रगणक सीधे जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परिवारों ने स्वगणना सुविधा का उपयोग किया है, जो इस प्रक्रिया के डिजिटल विस्तार को दर्शाता है।
जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या के साथ जातिगत आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। पूरी कवायद के बाद अंतिम आंकड़े मार्च 2027 में जारी करने की योजना है। इस व्यापक अभियान के लिए प्रशासन ने बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है।अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल नीतिगत योजना और विकास कार्यों के लिए ही किया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना किसी आशंका के सही जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि इसका किसी भी व्यक्तिगत अधिकार या लाभ पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
