हाईकोर्ट भ्रूण मामले में चार सस्पेंड, सुरक्षा में बड़ी चूक उजागर

जबलपुर। हाईकोर्ट में सोमवार को याचिकाकर्ता हाईकोर्ट में बच्चे के भ्रूण को लेकर पहुंच गया था । इस मामले में सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने चार को सस्पेंड कर दिया है।

विदित हो कि रीवा लोकसभा के पूर्व उम्मीदवार दया शंकर पांडे की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। जिसमे देष की राष्ट्रपति को अनावेदक बनाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर याचिका से राष्ट्रपति का विलोपित कर दिया गया था। याचिका पर सोमवार को सुनवाई निर्धारित थी सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पत्नी को साथ लेकर पहुंचा वे पॉलीथिन में बच्चे का भ्रूण लेकर पहुंच गया था । जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। इस दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया कि रीवा में दुर्घटना के दौरान उसकी गर्भवती पत्नी का गर्भपात हो गया रीवा पुलिस के द्वारा उसकी शिकायत पर कार्यवाही नही की गयी है। सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने याचिकाकर्ता और संदिग्ध भ्रूण को कब्जे में लिया। इसके बाद उसे सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया गया । जहां उससे लंबी पूछताछ भी हुई थी।

इन पर गिरी गाज

हाई कोर्ट जैसे अति-संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुआ यह घटनाक्रम सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। मेटल डिटेक्टर और सघन चेकिंग के बावजूद वह व्यक्ति संदिग्ध सामग्री के साथ भीतर कैसे प्रवेश कर गया था। सुरक्षा में बड़ी चूक उजागर होने के बाद एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

Next Post

नशे में धुत्त चालक का उत्पात, एक्सीडेंट के बाद अधिवक्ता, डॉक्टर की धौंस

Tue Mar 10 , 2026
जबलपुर। नशे की हालत में तेज रफ्तार कार दौड़ा रहे एक युवक ने न केवल अधिवक्ता को टक्कर मारी, बल्कि पकड़े जाने पर कभी खुद को एडवोकेट तो कभी डॉक्टर बताकर गुमराह कर धौंस दिखाता रहा। पीड़ित अधिवक्ता ने आज साथी अधिवक्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर मामले […]

You May Like