जबलपुर: ससुराल से खुशियां समेटकर अपने घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां चंद मिनटों में उजाड़ गई। तिलवारा पुल पर बुधवार रात्रि हुए सडक़ हादसे ने पति-पत्नी की जान ले ली, वहीं उनकी दो मासूम बेटियां के सिर से माता पिता का साया उठ गया । हादसा उस वक्त हुआ जब पति-पत्नी 6 माह की दुधमुंही बच्ची के साथ वापस लौट रहे थे। रास्ते में हुए भीषण एक्सीडेंट में दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। चमत्कार ही था कि मौत के उस तांडव के बीच 6 माह की मासूम की जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल है।
वहीं, उनकी दूसरी एक वर्षीय बेटी, जो घर पर दादा-दादी के पास थी, उसे शायद यह अहसास भी नहीं कि अब उसे मां की ममता और पिता का कंधा कभी नसीब नहीं होगा। वे जिस माता-पिता के लौटने का इंतजार कर रही है, वे अब कभी वापस नहीं आएंगे। गुरूवार को पीएम के बाद जैसे ही पति-पत्नी के शव पहुंचे, कोहराम मच गया। हर तरफ बस सिसकियों और चित्कारों की आवाज थी। जब घर के आंगन से एक साथ पति-पत्नी की अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक आईं। युवा दंपति की सडक़ दुर्घटना में मौत ने न केवल दो परिवारों को उम्र भर का गम दिया है ।
तिलवारा टीआई बृजेश मिश्रा ने बताया कि ग्राम औरैया थाना माढ़ोताल निवासी नारायण उर्फ बंटी केवट 32 वर्ष अपनी पत्नी शालिनी केवट 28 वर्ष और 6 माह की बेटी मिष्टी केसाथ मोटर साइकिल से अपनी ससुराल ग्राम दलपतपुर गया था। बुधवार को वे बाइक क्रमांक एमपी 20 एमडब्ल्यू 7782 से घर लौट रहा था। जैसे ही वे मोटर साइकिल से तिलवारा पुल पर पहुंचा तभी तेज रफ्तार पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 70 एमटी 8621 के चलाक ने उनकी मोटर साइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। नारायण गिर गया और उसकी पत्नी शालिनी उछलकर पुल से नीचे गिर गई। बेटी पुल पर ही गिरी थी। हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई थी। जबकि बेटी घायल थी। मृतक दंपत्ति की एक वर्ष की और बेटी है जो हादसे के समय दादा-दादी के पास थी।
