
सिवनी। शहर के मिशन स्कूल में विद्यार्थियों को कथित रूप से बाइबल के पद पढ़ाने और धार्मिक प्रार्थना करवाने को लेकर रविवार को विवादित स्थिति बन गई। मामले की सूचना के बाद बजरंग दल सिवनी के पदाधिकारी स्कूल पहुँचे और प्रबंधन से शिकायतों का विवरण साझा करते हुए स्पष्टिकरण मांगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और तहसील प्रशासन भी मौके पर पहुँचा और स्कूल का निरीक्षण किया। शिकायत के आधार पर प्रशासन का निरीक्षण बजरंग दल द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर 08 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना प्रभारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा संगठन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मिशन स्कूल का औपचारिक निरीक्षण (पंचनामा) किया गया। निरीक्षण के दौरान इंचार्ज प्रिंसिपल ने अधिकारियों को बताया कि सुबह की प्रार्थना के अंत में बाइबल की किताब “नया नियम” में से केवल नीति वचन (Proverbs) के 1-2 पद नैतिक शिक्षा के रूप में पढ़ाए जाते हैं। एक ईसाई शिक्षक द्वारा यह वाचन कराया जाता है। बंधन ने कहा कि इसके अलावा प्रतिदिन राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारे भी लगाए जाते हैं।
छात्रों ने दिए अलग-अलग बयान
निरीक्षण के दौरान मौजूद छात्रों ने प्रशासन को बताया किः
सुबह की प्रार्थना में “हे परमपिता परमेश्वर” से संबंधित प्रार्थना कराई जाती है।
प्रार्थना के अंत में छात्रों से ” आमीन” बुलवाया जाता है।
इसके बाद बाइबल के नीति वचन के पदों का वाचन होता है।
कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें कड़ा या मूंगा पहनने पर मना किया जाता है। इस तरह के बयान महिला छात्रों द्वारा भी दोहराए गए।
पंचनामा स्थल पर ही तैयार किया गया
अधिकारियों ने सभी पक्षों के वक्तव्य और स्कूल प्रशासन की जानकारी को मिलाकर स्थल पर ही पंचनामा तैयार किया, जिसे उपस्थित सभी के समक्ष पढ़कर सुनाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आगे इस मामले की तथ्यात्मक जांच की जाएगी, ताकि सही स्थिति स्पष्ट हो सके।
हिंदू संगठनों में आक्रोश, पुलिस ने की शांति की अपील
घटना की जानकारी फैलते ही कई हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि स्कूल पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। वहीं पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति संभाली और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।
