
सिंगरौली । जिले के ऊर्जाधानी क्षेत्र में आज गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी, लेकिन इसके साथ तेज तूफान और बूंदाबांदी ने व्यापक असर भी छोड़ा। सुबह करीब 10:15 बजे शुरू हुआ तूफान का दौर काफी देर तक जारी रहा। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान और उमस से जनजीवन अस्त-व्यस्त था, ऐसे में मौसम का यह बदलाव राहत भरा तो रहा, लेकिन कई जगह नुकसान भी सामने आया।
तेज हवाओं के कारण जिले के शहरीय बैढ़न और ग्रामीण क्षेत्र देवसर-चितरंगी, माड़ा व सरई दोनों क्षेत्रों में व्यापक असर देखने को मिला। कई स्थानों पर छोटे-बड़े पेड़ उखड़ गए और उनकी डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। जिससे आवागमन बाधित हुआ। रात के समय भी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला था, जिससे लोग पहले से ही सहमे हुए थे। बैढ़न समेत समूचे ऊर्जाधानी में स्थिति काफी गंभीर रही। यहां करीब 8 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। गनियारी, बलियरी समेत कई वार्डों के मोहल्ला में अंधेरा छाया रहा। कई जगह बिजली के खंभे गिर गए और तार टूट गए, जिससे विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। देर शाम तक भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव का असर सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों पर भी पड़ा है। इन दिनों विवाह का सीजन चल रहा है, लेकिन तेज आंधी और बारिश के कारण कई कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। खुले स्थानों पर आयोजित समारोहों में अव्यवस्था की स्थिति बनी, जिससे आयोजकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
… जब बिलौंजी के दुकानों में उतरा करंट
जिला मुख्यालय बैढ़न के बिलौंजी तिराहा के दुकानों में आज गुरूवार की सुबह अचानक दुकानों में करंट फैल गया। जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई है। दुकानदार बताते हैं कि बिजली खम्भों के एल्यूमिनियम खुला तार दुकानों के एंगल में टच होने से करंट फैल गया। एमपीईबी अमला तत्काल पहुंच बिजली सुधार कराई।
आम के फल एवं सब्जी फसलों को भी नुकसान
चितरंगी और देवसर क्षेत्र में भी तूफान का असर देखने को मिला। चितरंगी के घोघरा, शिवपुरवा, चितावाल समेत कई गांवों में सुपारी के आकार के ओले गिरे। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि गेहूं सहित अन्य रवि फसलें पहले ही कटकर घरों में सुरक्षित पहुंच चुकी थीं, जिससे उनका कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ। तेज तूफान का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई बेजुबान पक्षी भी इसकी चपेट में आ गए। पेड़ों के गिरने और तेज हवाओं के कारण पक्षियों के मरने की खबरें भी सामने आई हैं, जो पर्यावरण के लिए चिंताजनक संकेत हैं।
इनका कहना:-
तेज तूफान के चलते शहरीय क्षेत्र में कई केविल एवं खम्भे टूट गये, जिसके चलते बिजली बाधित रही है। सुधार कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
अजीत सिंह बघेल
अधीक्षण अभियंता
एमपीईबी, सिंगरौली
