तेहरान, 30 अप्रैल (वार्ता) ईरान के नये सर्वोच्च नेता मोजतबा अली खामेनेई के नाम से जारी एक कठोर संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि ईरान अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा और अमेरिकी दबाव की रणनीतियों के आगे नहीं झुकेगा।
टेलीविज़न पर पढ़े गये इस संदेश में कहा है गया कि ईरान की वैज्ञानिक, तकनीकी और सैन्य क्षमताएं केवल रणनीतिक संसाधन नहीं बल्कि राष्ट्रीय पहचान और संप्रभुता की संपत्ति हैं।
संदेश में कहा गया, “ नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक, ईरान की सभी वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियां राष्ट्रीय संपत्ति हैं, और इन्हें उसी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, जैसे देश अपनी भूमि, जल और वायुसीमा की रक्षा करता है।”
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ईरान पर समुद्री और आर्थिक दबाव बढ़ाने की नीति पर कायम है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन लंबे समय से यह संकेत देता रहा है कि नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक दबाव के जरिए तेहरान को उसके परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम भंडार पर समझौते के लिए मजबूर किया जा सकता है।
ईरान ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी भी शर्त को अस्वीकार किया है।
श्री खामेनेई के संदेश में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी स्पष्ट रुख अपनाया गया। इसमें कहा गया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति अस्थिरता का प्रमुख स्रोत है और क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल क्षेत्रीय देशों के हाथ में होनी चाहिए।
संदेश में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की भूमिका को स्थिरता का कारक बताया गया और विदेशी शक्तियों की मौजूदगी को अस्वीकार्य करार दिया गया।
