
भोपाल। गुरुवार सुबह तेज व लापरवाही से चल रही एक स्कूल बस ने पट्टे से बंधे पालतू कुत्ते को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मामला दर्ज हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम कराने के लिए मालिक को लंबी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना उस समय हुई जब गौरव बारके अपनी मादा लैब्राडोर के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान एमपी 04 पीए 3848 नंबर की एक स्कूल बस ने कथित तौर पर कुत्ते को कुचल दिया। बस चालक सुनील को शाहपुरा थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ एफआईआर (क्रमांक 0170/2026) धारा 325 के तहत दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस आरक्षक के साथ मालिक कुत्ते के शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर रवाना हुए।
हालांकि, इसके बाद प्रक्रिया जटिल हो गई। राज्य पशु चिकित्सालय में उन्हें मिसरोद पशु चिकित्सालय जाने की सलाह दी गई, जो शाहपुरा थाने के नजदीक बताया गया। मालिक के अनुसार, मिसरोद में ड्यूटी पर मौजूद पशु चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा चौरसिया ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया और उन्हें फिर से राज्य पशु चिकित्सालय जाने को कहा।
मालिक और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद डॉ. चौरसिया से बात नहीं हो सकी। उप संचालक डॉ. अभिजीत शुक्ला, जिन्होंने मालिक की समस्या सुनकर हस्तक्षेप किया, वे भी उनसे संपर्क स्थापित नहीं कर पाए।
इसके बाद डॉ. शुक्ला ने कुत्ते को बैरागढ़ पशु चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी। वहां डॉ. शिवानी रावत ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही प्रक्रिया शुरू की। आवश्यक आदेश मिलने के बाद दोपहर करीब 1 बजे पोस्टमार्टम किया गया।
इस घटना ने पशु चिकित्सा सेवाओं में समन्वय और क्षेत्राधिकार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
