मुंबई, 30 अप्रैल (वार्ता) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में जारी तेजी से गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 900 अंक से अधिक लुढ़क गया। पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित रहने से कच्चा तेल पिछले कुछ दिनों से लगातार चढ़ता जा रहा है। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज 5.5 प्रतिशत उछलकर 123 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे घरेलू शेयर बाजारों में निवेश धारण प्रभावित हुई है क्योंकि भारत 90 प्रतिशत पेट्रोलियम के लिए आयात पर निर्भर है। इसके अलावा रुपये पर जारी दबाव से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। आज सिर्फ दूसरा मौका है जब बीच कारोबार में एक डॉलर 95 रुपये से ऊपर बोला गया है। सेंसेक्स 482.15 अंक टूटकर 77,014.21 अंक पर खुला और खबर लिखे जाते समय 824.55 अंक (1.06 प्रतिशत) उतरकर 76,671.81 अंक पर रहा। एक समय यह 994 अंक फिसलकर 76,502.16 अंक तक रह गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 180. 70 अंक की गिरावट में 23,996.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 261.45 अंक यानी 1.09 प्रतिशत नीचे 23,914.50 अंक पर था।
बाजार में सभी सेक्टर और सभी सूचकांक फिलहाल लाल निशान में हैं। ऑटो, बैंकिंग, वित्त, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और धातु समूहों के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक टूट गये। सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल का शेयर तीन फीसदी से ज्यादा गिर गया है। इंडिगो और अडानी पोर्ट्स के शेयर दो फीसदी से अधिक नीचे चल रहे हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी और रिलायंस इंडस्ट्रीज भी डेढ़ फीसदी से अधिक लुढ़क गये। बजाज फाइनेंस में तीन प्रतिशत ऊपर चल रहा है। बजाज फिनसर्व में सवा प्रतिशत और और सन फार्मा में आधी फीसदी की तेजी है।

