
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में अंतर-धार्मिक विवाहों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय बजरंग दल और अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऐसे विवाहों पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम दिया गया है।
संगठन के महाकौशल प्रांत मंत्री अर्पित सिंह ठाकुर ने बताया कि विशेष रूप से विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत प्रस्तावित विवाहों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 के तहत 60 दिन पूर्व सूचना देने की अनिवार्यता का उल्लंघन किया जा रहा है। ज्ञापन में सारिका सेन बनाम म.प्र. शासन (27 मई 2024) का हवाला देते हुए कहा गया कि मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला के बीच विवाह को वैध नहीं माना गया, भले ही उसे विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत करने का प्रयास किया जाए। संगठन ने पूर्व के अंकिता राठौर एवं हसनैन अंसारी प्रकरण (27 जनवरी 2025) का भी उल्लेख किया, जिसमें अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा आवेदन निरस्त किया गया था। इसी आधार पर वर्तमान में सूचीबद्ध 10 विवाह आवेदनों की जांच कर उन्हें रद्द करने की मांग की गई है। अर्पित सिंह ठाकुर ने कहा कि शहर की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन इस मुद्दे पर हर स्तर तक संघर्ष करने को तैयार है। इस दौरान विभाग मंत्री एडवोकेट सोनू श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, जिला मंत्री कपिल रैकवार, कवि राठौर, मुकेश गौतम और दीपक राजपूत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
