तेहरान, 29 अप्रैल (वार्ता) ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष अलाउद्दीन बोरुजेर्दी ने बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका की धमकियों के जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कभी नहीं छोड़ेगा।
सरकारी मीडिया के प्रसारित बयानों में श्री बोरुजेर्दी ने दावा किया कि ईरान के पास युद्ध जारी रखने के लिए मिसाइलों और ड्रोनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और वह इसे कई और वर्षों तक खींच सकता है। उन्होंने उल्लेख किया, “ईरान के आश्चर्यजनक लचीलेपन को देखने के बाद अब अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को आखिरकार इस्लामी गणराज्य की क्षमताओं पर विश्वास हो गया है।”
सांसद ने कहा कि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ अमेरिका के साथ ईरान की वार्ताओं का प्रबंधन कर रहे हैं। अप्रैल की शुरुआत में पहले दौर की बातचीत विफल होने के बाद से यह वार्ता अब तक मिस्र और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के जरिये परोक्ष रूप से संचालित की जा रही है।
अप्रैल की वार्ता के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की कड़ी घेराबंदी कर रखी है, जो वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है। ईरान केवल तालमेल के साथ कुछ चुनिंदा जहाजों को ही इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दे रहा है। खबरों के मुताबिक, वह भारी टोल वसूल कर तेल और गैस की आपूर्ति को एक तरह से ‘बंधक’ बना रहा है। जवाब में अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों और देश से जुड़े जहाजों की सैन्य घेराबंदी कर दी है, जिसे तेहरान ने ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है।
श्री बोरुजेर्दी ने अमेरिकी घेराबंदी को ‘बेअसर’ बताते हुए खारिज कर दिया और इसे ‘निष्क्रिय और बेकार कदम’ कहा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका कुछ जहाजों के खिलाफ ‘कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं करेगा’, क्योंकि वे चीन जैसे अन्य देशों के हैं, जिनसे टकराने का साहस अमेरिका नहीं जुटा पा रहा है।
पेंटागन ने कहा कि मंगलवार तक, उसने घेराबंदी शुरू होने के बाद से ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से निकलने की कोशिश करने वाले 39 जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है।
