एक लाख से ज्यादा मानक बोरा तेंदूपत्ता का 10 मई से होगा संग्रहण

सीधी। जिला वनोपज संघ सीधी द्वारा 10 मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। मौसम की अनुकूलता के चलते तेंदुपत्ता गुणवत्ता युक्त तैयार हो रहे हैं। इस वजह से संग्रहण का कार्य समय से शुरू होने की संभावना है। जिन स्थानों में शाख कर्तन का कार्य किया गया था वहां 10 मई से तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए तैयार होने की संभावना है।

इस वर्ष जिले में 1 लाख 6411 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण करने का लक्ष्य रखा गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 51 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से शुरू होगा। मौसम की अनुकूलता के चलते समितियों में तेंदूपत्ता सही गुणवत्ता का जल्द उपलब्ध होने की संभावना है इस वजह से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 10 मई से शुरू होने की संभावना बताई गई है। अभी यह देखा जा रहा है कि जंगलों में तेंदूपत्ता की सही गुणवत्ता में रहे, जिससे संग्रहित होने वाला तेंदूपत्ता भी अच्छी क्वालिटी का हो। अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रहित होने पर उसकी मांग भी काफी रहती है। इसी वजह से जिला वनोपज संघ द्वारा 7 रेंजों के 735 फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारी की जा रही है। तेंदूपत्ता की काफी भरमार है और तेज धूप में तेंदूपत्ता की गुणवत्ता ठीक हो रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जितनी तेज धूप रहेगी तेंदूपत्ता की गुणवत्ता भी उतनी ही अच्छी रहेगी। यदि मौसम में परिवर्तन हुआ एवं बारिश का दौर शुरू हुआ तो तेंदूपत्ता की गुणवत्ता काफी प्रभावित हो जाती है। वर्तमान में जो तेंदूपत्ता वन क्षेत्रों में मौजूद हैं उनकी गुणवत्ता मौसम ठीक होने से सही है फिर भी यह माना जा रहा है कि 10 मई तक तेंदूपत्ता की गुणवत्ता में और सुधार हो जाएगा और समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य शुरू होगा। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 22 मई तक जिले में पूर्ण हो जाएगा। सीधी जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य अमूमन हर वर्ष मई महीने में ही शुरू होता है। करीब 20 दिन में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य वन क्षेत्रों में काफी तेजी के साथ किया जाता है। तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सभी वन क्षेत्रों में श्रमिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि जल्द तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू हो।

तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए क्षेत्रीय श्रमिक अपना अन्य सभी कार्य बंद कर देते हैं और महीने भर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हुए काफी आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता है। जिला वनोपज समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे श्रमिकों को जल्द से जल्द उनकी पारिश्रमिक का भुगतान होता रहे। जिले के दक्षिणी क्षेत्र के जंगलों में काफी मात्रा में तेंदूपत्ता तैयार हो चुकी है। जैसे ही इनकी गुणवत्ता ठीक होगी संग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन द्वारा इस वर्ष तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से मजदूरी निर्धारित की गई है। एक मानक बोरा में तेंदूपत्ता के 400 पैकेट भरे जाते हैं।

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सीधी एवं चुरहट रेंज से होगा ज्यादा संग्रहण

जिले में 7 रेंजों के 735 फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण की व्यवस्था बनाई गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि तेंदूपत्ता जंगलों में गुणवत्तायुक्त तैयार हो जाने के बाद 10 मई से संग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। अभी यह माना जा रहा है कि जिन रेंजों में शाख कर्तन का कार्य किया गया था वहां इस दौरान पर तेंदूपत्ता तोडऩे के लिए तैयार हो जाएंगे। सीधी जिले में सर्वाधिक तेंदूपत्ता का संग्रहण सीधी रेंज में 30 हजार मानक बोरा, चुरहट रेंज में 28 हजार मानक बोरा एवं बफर जोन मझौली रेंज में 21 हजार मानक बोरा करने का लक्ष्य है। यहां तेंदूपत्ता जंगलों में काफी है। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सीधी जिले में करीब 20 दिनों में ही काफी आसानी के साथ हो जाता है।

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