तेहरान, 29 अप्रैल (वार्ता) ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद जापानी स्वामित्व वाले एक सुपरटैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जापान से जुड़ा यह पहला प्रमुख तेल पारगमन माना जा रहा है। ‘इदेमित्सु मारू’ नामक इस पनामा-ध्वजित वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर), जिसे जापान की ऊर्जा कंपनी इदेमित्सू कोसान की सहायक इकाई संचालित करती है, लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार जहाज अबू धाबी तट के पास एक सप्ताह से अधिक समय तक लंगर डाले रहा था।
इसने मार्च की शुरुआत में सऊदी अरब के जुयमह टर्मिनल से कच्चा तेल लोड किया था। जहाज की ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक उसने ईरान के क़ेश्म और लारक द्वीपों के निकट अपने मार्ग में समायोजन किया, जिसके बाद वह पूर्व दिशा में आगे बढ़ा। इसे ईरानी प्राधिकरणों के साथ निकट समन्वय का संकेत माना जा रहा है। जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशियाई तेल पर अत्यधिक निर्भर है और उसके लगभग 95 प्रतिशत तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं। ऐसे में इस मार्ग की स्थिरता जापान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब इस मार्ग से आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही संभव होगा।

