
इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की इंदौर इकाई ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.76 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं. यह कार्रवाई शुक्रवार 24 अप्रैल को की गई, जिसमें जमीन के प्लॉट शामिल हैं जो संबंधित कंपनी के नाम पर दर्ज हैं.
ईडी की अधिकृत जानकारी के अनुसार यह मामला मैसर्स रूचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वर्तमान में स्टीलटेक रिसोर्सेज लिमिटेड) से जुड़ा है. जांच की शुरुआत सीबीआई, एसीबी भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी, जिसमें कंपनी पर यूको बैंक, इंदौर के साथ 58 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है. जांच में सामने आया कि कंपनी ने फर्जी और हेरफेर किए गए दस्तावेजों के आधार पर क्रेडिट सुविधाएं और लेटर ऑफ क्रेडिट हासिल किए, जबकि इनके पीछे वास्तविक व्यापारिक लेनदेन नहीं था. प्राप्त राशि को जटिल नेटवर्क के जरिए अलग अलग कंपनियों में घुमाकर वापस मुख्य कंपनी तक पहुंचाया गया. ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध रूप से हासिल धन को विभिन्न संपत्तियां खरीदने में लगाया गया. मामले में इससे पहले भी ईडी द्वारा करीब 10.15 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. मामले में आगे की जांच की जा रही है.
