वॉशिंगटन, 29 अप्रैल (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और परमाणु वार्ता को फिलहाल टालने संबंधी संशोधित ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा के बीच कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उसे (ईरान) बहुत जल्द समझदार बनना होगा। श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान अपनी स्थिति संभाल नहीं पा रहा। उन्हें गैर-परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं आता। उन्हें जल्द समझदार बनना होगा।” उन्होंने पोस्ट के साथ एक व्यंग्यात्मक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह हथियार लिए हुए दिखाई दिए और “नो मोर मिस्टर नाइस गे” जैसे संदेश के साथ “गैर-परमाणु समझौते” का उल्लेख किया। इसे वार्ता में जारी गतिरोध पर अमेरिकी निराशा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
श्री ट्रंप ने हालांकि खुले तौर पर यह नहीं कहा है कि वह ईरान के प्रस्ताव को नकार रहे हैं, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वह इस योजना से खुश नहीं हैं और इसे शायद ही स्वीकार करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार ईरान के प्रस्ताव में पहले युद्धविराम लागू करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और बाद में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने की बात कही गयी है, जबकि अमेरिका की प्राथमिकता शुरुआत से ही परमाणु मुद्दे को समझौते के केंद्र में रखना है। अमेरिका चाहता है कि परमाणु कार्यक्रम पर स्पष्ट प्रतिबद्धता पहले आए, जबकि ईरान प्रतिबंधों में राहत और चरणबद्ध प्रक्रिया पर जोर दे रहा है। यही बुनियादी मतभेद वार्ता में प्रगति को रोक रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से आठ अप्रैल को बना अस्थायी युद्धविराम पूरी तरह स्थिर नहीं माना जा रहा, क्योंकि समुद्री मार्गों, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सैन्य तनाव को लेकर विवाद जारी हैं।
इस बीच लेबनान में इजरायल-हिज्बुल्लाह तनाव ने भी संकट को और जटिल बना दिया है। हिज्बुल्ला प्रमुख नईम क़ासिम ने इजरायल के साथ प्रत्यक्ष वार्ता को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गंभीर पाप’ बताया है। यूरोपीय देशों ने भी ईरान से अधिक ठोस रियायतों की मांग की है। फ्रांस ने कहा है कि स्थायी समाधान के लिए तेहरान को अपने रुख में “मौलिक बदलाव” दिखाना होगा।

