
रीवा। रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल राजनिवास में बैठक ली. जहा सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को आमंत्रित नही किया गया. लिहाजा सुबह राजनिवास पहुंचे विधायक परिसर में जमीन में लेट गये. साथ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे.
हालाकि बाद में प्रभारी मंत्री कांग्रेस विधायक से मुलाकात की और दोनो के बीच चर्चा भी हुई. विधायक द्वारा लगाए गए आरोप पर प्रभारी मंत्री ने साफ किया कि भाजपा कोर कमेटी की बैठक थी और अलग से प्रशासनिक बैठक हुई है. लेकिन विधायक को लगा कि तबादला को लेकर बैठक हो रही है. दरअसल रविवार को होने वाली बैठक में सांसद-विधायको को बुलाया गया था. जब इसकी जानकारी सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को हुई तो उन्होने कलेक्टर से पूंछा कि मुझे बैठक में क्यो नही बुलाया गया और आज सुबह राजनिवास पहुंच गये. अंदर बैठक चल रही थी बाहर विधायक कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ जमीन पर लेटे हुए थे. पूरे मामले में अभय मिश्रा ने कहा कि सरकार ने हमें यह अधिकार दिया है कि जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि होने के नाते हम जनता की बात को सरकार के समक्ष रखें. शासकीय कार्यों और बैठकों में पक्ष और विपक्ष दोनों का होना बहुत जरूरी है. अगर प्रदेश के स्थानांतरण नीति पर बात हो रही है तो उसमें किसी पार्टी विशेष की उपस्थिति नहीं बल्कि सभी विधायकों की उपस्थिति होनी चाहिए. क्या रीवा के प्रभारी मंत्री होने के नाते प्रहलाद पटेल सेमरिया के प्रभारी मंत्री नहीं है. अगर सेमरिया के भी प्रभारी मंत्री हैं तो फिर सेमरिया के चुने हुए जनप्रतिनिधि को बैठक में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा. लोकतंत्र और विपक्ष की हत्या की जा रही है. वहीं पूरे मामले में प्रभारी मंत्री ने कहा कि ये बैठक भाजपा के कोर कमेटी की बैठक थी.
