हैदराबाद | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में भड़की हिंसा को लेकर ‘साथ निभाना साथिया’ फेम अभिनेत्री देवोलिना भट्टाचार्जी का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या से जुड़ी एक पोस्ट साझा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देवोलिना ने लिखा कि बंगाल के “गुंडों-गुंडियों” से किसी बेहतर व्यवहार की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि संभावित हिंसा को जानते हुए भी प्रशासन ने एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं की गई।
हिंसा के मुद्दों के साथ-साथ देवोलिना ने राजनीतिक विचारधारा और देशभक्ति को लेकर भी अपनी राय खुलकर साझा की है। उन्होंने न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू के पुराने विवादित बयानों और विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि देश का नेतृत्व करने के लिए बड़ी डिग्री से ज्यादा देश के प्रति वफादारी और प्रेम जरूरी है। अभिनेत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अगर कोई पढ़ा-लिखा व्यक्ति विदेश जाकर अपने ही देश की बुराई करता है, तो ऐसी शिक्षा व्यर्थ है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद और शिक्षा के महत्व पर एक नई बहस छेड़ दी है।
देवोलिना भट्टाचार्जी पिछले कुछ समय से बंगाल के राजनीतिक हालातों पर लगातार अपनी आवाज उठा रही हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति होने के बावजूद देवोलिना का यह निर्भीक अंदाज उनके प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा में है। फिलहाल, बंगाल में शांति बहाली और चुनावी रंजिश को खत्म करना नई प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

