
खरगोन। मांगरुल रोड स्थित राहत कॉलेज परिसर में निर्मित ब्रह्मप्रयाग में रविवार को ब्रह्मोत्सव का दूसरा दिन भी पुण्य, परंपरा और प्रवाह से सराबोर रहा। छह राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से आए हजारों विप्रजनों की उपस्थिति में बटुको का यज्ञोपवित, परशुराम पूजन, युवक- युवती परिचय सम्मेलन श्रीमंगलम पत्रिका विमोचन सहित महिला उद्यमी मेले का आयोजन संपन्न हुआ। वैदिक परंपराओं के साथ 35 बटुकों के सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार से हुई।
इस महते आयोजन में शामिल हुए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा समाज की एकता और परंपराएं ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। ब्राह्मण समाज विचार, मूल्य और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र को दिशा देने वाला समाज है। इस समाज के पास आज भी वही चेतना है जो रामायण और महाभारत युग में थी। बीजागढ़ आश्रम से पधारे पंडित मुन्ना महाराज ने कहा यज्ञोपवीत कोई सामान्य धागा नहीं है, यह ब्रह्मचर्य, साधना और सेवा का संकल्प सूत्र है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक रवि जोशी ने कहा हमारा यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और चेतना का अभियान है।
