वाशिंगटन, 29 अप्रैल (वार्ता) ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतों में आए एक और उछाल ने मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट को हालिया रिकॉर्ड स्तर से नीचे धकेल दिया। ऊर्जा बाजारों में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे निवेशकों के कारण बाजार में यह गिरावट देखी गई है।
शेयर बाज़ार सूचकांक ‘एस एंड पी 500’ अपने नवीनतम सर्वकालिक उच्च स्तर से 0.5 प्रतिशत गिर गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज सूचकांक 25 अंक यानी 0.1 प्रतिशत लुढ़का, जबकि नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक अपने रिकॉर्ड स्तर से 0.9 प्रतिशत नीचे आ गया।
बाजार में यह हलचल तेल की कीमतों में जारी निरंतर वृद्धि के कारण हुई है। जून अनुबंध के लिए ब्रेंट क्रूड तेल 2.8 प्रतिशत बढ़कर 111.26 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अधिक सक्रिय रूप से कारोबार वाले जुलाई अनुबंध में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 104.40 डॉलर पर पहुँच गया। फरवरी के अंत से कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, जब ब्रेंट 70 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा था। अब यह 119 डॉलर के उस स्तर की ओर बढ़ रहा है जो संघर्ष की शुरुआत में देखा गया था। इसका असर वाशिंगटन के सभी पेट्रोल पंपों पर महसूस किया जा रहा है। एएए रेटिंग के अनुसार, अमेरिका में गैसोलिन की औसत कीमत बढ़कर 4.18 डॉलर प्रति गैलन हो गई है, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। इसी तरह, 28 फरवरी से गौसोलिन की कीमतों में 1.20 डॉलर प्रति गैलन की वृद्धि हुई है, जिसमें केवल कल रात ही लगभग सात सेंट का उछाल आया है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गैस की ऊंची कीमतें अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं, क्योंकि उपभोक्ता अपने खर्च में कटौती कर सकते हैं, जिससे समग्र जीडीपी वृद्धि को खतरा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी जीडीपी के प्रत्येक एक डॉलर में से लगभग 70 सेंट उपभोक्ता खर्च से आते हैं। डीजल की बढ़ती कीमतें भी परिवहन लागत बढ़ने के कारण भोजन और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की लागत बढ़ाने का खतरा पैदा कर रही हैं। एएए के अनुसार, मंगलवार तक डीजल 5.46 डॉलर प्रति गैलन था, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 1.70 डॉलर महंगा हो गया है।

