सतना :भीषण गर्मी के मौसम में आरामदायक यात्रा को सुनिश्चत करने के लिए कई यात्रियों द्वारा दो महीने पहले से ही कड़ी मशक्कत कर ट्रेन के एसी कोच में अपना टिकट बुक करा लिया जाता है. लेकिन यात्रा के दौरान ऐन मौके पर यदि कोच का एसी काम करना बंद कर दे तो उस जबरदस्त उमस भरे दम घोंटू माहौल में यात्रियों पर क्या गुजरेगी. कुछ ऐसा ही वाकया तब सामने आया जब श्रमिक एक्सप्रेस के बी-2 कोच का एसी फेल हो जाने से आक्रोशित यात्रियों ने प्लेटफार्म पर आधे घंटे तक हंगामा किया.प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेन क्रमांक 19051 मुजफ्फपुर-बलसाड श्रमिक एक्सप्रेस मंगलवार को अपने निर्धारित समय से 1 घंटे की देरी से 12 बजकर 11 मिनट पर सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंची.
ट्रेन के प्लेटफार्म क्र. 1 पर रुकते ही एक ओर जहां विभिन्न कोच में सवार यात्री यात्रियों ने चाय,पानी और नाश्ते के स्टाल की ओर मुड़ गए. वहीं दूसरी ट्रेन के बी-2 कोच में सवार यात्रियों ने स्टेशन अधीक्षक के कक्ष की ओर रुख किया. यात्री इस बात को लेकर खासे आक्रोशित थे कि उनके कोच का एसी काम नहीं कर रहा है. इस मामले की शिकायत छिवकी स्टेशन से पहले ही रेलवे के जिम्मेदारों को कर दी गई थी. लेकिन न सिर्फ छिवकी बल्कि मानिकपुर स्टेशन पर भी रेलवे के किसी जिम्मेदार द्वारा इस शिकायत को अटेंड नहीं किया गया. भीषण गर्मी के साथ-साथ पूरी तरह से बंद कोच में बैठे-बैठे उनका दम घुट रहा है.
कुछ यात्रियों को तो ब्लड प्रेशर और घबराहट बढऩे की शिकायत भी सामने आ रही है. जिसे देखते हुए बी-2 कोच के यात्री इस बात पर अड़ गए कि जब तक उनके कोच का एसी ठीक नहीं हो जाता तब तक वे ट्रेन में नहीं बैठेंगे. यात्रियों की समस्या को समझने का प्रयास करते हुए स्थानीय रेल प्रबंधन द्वारा स्थानीय तकनीकी स्टॉफ से संपर्क साधा गया. लिहाजा कुछ देर में ही तकनीकी अमला भी प्लेटफार्म पर पहुंच गया. स्टॉफ द्वारा जांच करते हुए समस्या को समझने का प्रयास भी किया गया. लेकिन इसके बावजूद स्टॉफ द्वारा यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए गए कि कोच के एसी को ठीक कर पाना फिलहाल उनके बस की बात नहीं है.
आश्वासन पर रवाना हुई गाड़ी
मामले को समझने के बाद स्थानीय रेल प्रबंधन द्वारा यात्रियों को समझाइस दी गई कि सतना रेलवे स्टेशन पर कोच के एसी को ठीक करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है. यह कार्य केवल जबलपुर रेलवे स्टेशन पर ही संभव हो पाएगा. इसी कड़ी में रेल अधिकारियों ने यात्रियों को यह आश्वासन भी दिया कि यदि जबलपुर में कोच का एसी ठीक नहीं हो पाता है तो वहां पर दूसरे एसी कोच की व्यवस्था कर दी जाएगी. हलांकि इस आश्वासन के चलते यात्रियों का आक्रोश तो कम नहीं हुआ. लेकिन उनके सामने कोई और चारा भी नहीं था. लिहाजा आश्वासन के आधार पर किसी तरह वे जबलपुर तक की यात्रा करने को राजी हो गए. इस हंगामे के चलते श्रमिक एक्सप्रेस आधे घंटे तक प्लेटफार्म पर खड़ी रही और 12 बजकर 41 मिनट पर आगे के लिए रवाना हो गई.
