सतना :केंद्र व राज्य सरकार सहित पट्रोलियम मंत्रालय द्वारा भले ही एलपीजी सिलेंडरों की सुचारु आपूर्ति का दावा किया जा रहा हो. लेकिन वास्तविकता यह है कि कुछ गैस एजेंसियों की मनमानी कार्यशैली पर किसी तरह का अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है. नतीजतन सिलेंडर नहीं मिलने से आक्रोशित उपभोक्ताओं को बार बार सडक़ पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में स्थित मानसी गैस एजेंसी के सामने मंगलवार को एक बार फिर से हालात हाथ से निकलते नजर आए.
पिछले कई दिनों से बार बार एजेंसी का चक्कर लगाकर हार चुके उपभोक्ताओं का धैर्य मंगलवार को उस समय जवाब दे गया जब एक बार फिर उनके हाथ मायूसी लगी. आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी के सामने से होकर गुजरने वाले राज्यमार्ग पर जाम लगा दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे. इस घटना के चलते सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनीं शुरु हो गईं. यहां तक कि मार्ग पर लगे जाम की वजह से दमकल और शव भी फंस गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाइस देनी शुरु की. काफी देर तक कड़ी मशक्कत करने के बाद थाना प्रभारी ने एक ओर जहां आमजन को बारी बारी से सिलेंडर मिलने का आश्वासन दिलाया. वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसी के कर्मचारियों को किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं करने की चेतावनी दी. यह देख लोगों का गुस्सा कुछ कम हुआ और वे मार्ग से हटने को राजी हो गए. जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर वितरण प्रक्रिया शुरु की गई. गौरतलब है कि पिछले दिनों भी आक्रोशित उपभोक्ताओं द्वारा इसी गैस एजेंसी के सामने जाम लगाया गया था. मौके पर पहुंची एसडीएम द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में खामी पाए जाने पर कलेक्टर मैहर द्वारा एजेंसी संचालक के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. लेकिन इसके बावजूद भी एजेंसी की कार्यशैली में कोई सुधर होता नजर नहीं आया.
लैपटॉप-डेस्कटॉप पर किया कब्जा
पिछले कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर मिलेन की आस में गैस एजेंसी का चक्कर लगाता आ रहा एक युवक मंगलवार को आक्रोशित हो गया. युवक का कहना था कि एजेंसी में रखे कंप्यूटर सिस्टम के आंकड़ों में हेर-फेर कर एजेंसी के संचालक और कर्मचारी सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं. जबकि उसका खामियाजा आम उपभोक्त्ताओं को झेलना पड़ रहा है. इसी कड़ी में आक्रोशित युवक ने एजेंसी में रखा डेस्कटॉप और लैपटॉप को अपने कब्जे में ले लिया और वहां से निकल गया. जिसके चलते सिलेंडर वितरण प्रक्रिया रुक गई. बाद में कुछ लोगों की समझाइस पर युवक का आक्रोश कम हुआ. जिसके चलते उसने डेस्कटॉप और लैपटॉप लौटा दिया
