नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को भारत के वस्तु और सेवा क्षेत्र के लिए निर्यातक के अवसरों में महत्वपूर्ण वृद्धि का अवसर देने के साथ साथ देश में कम से कम 20 अरब डॉलर के निवेश की राह तैयार करने वाला समझौता बताया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि इस समझौते से देश के सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम क्षेत्र की इकाइयों , किसानों और उद्यमियों को मदद मिलेगी। यह समझौता भारतीय प्रतिभाओं को न्यूजीलैंड में काम करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करने वाला है।
वाणिज्य सचिव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘ भारत–न्यूज़ीलैंड एफटीए भारत के व्यापार को नई गति देने वाला है। यह शत प्रतिशत (वस्तुओं) को शुल्क-मुक्त प्रवेश, 118 क्षेत्रों में सेवा (व्यापार) का व्यापक कवरेज, प्रतिभाओं के लिए बेहतर गतिशीलता और 20 अरब डॉलर का निवेश की व्यवस्था वाला समझौता है—जिससे एमएसएमई, किसानों और उद्यमियों को लाभ होगा।’
इस समझौते पर आज नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्र टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किये। समारोह में विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी उपस्थित थे।
