
छिंदवाड़ा। जिले का प्रसिद्ध कोल्डरिफ कफ सिरप कांड के मामले में सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों मामलों को एक ही न्यायालय में सुनवाई पर रोक लगा दी है। शासन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अजय पालीवाल की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है। दरअसल सत्र न्यायालय छिंदवाड़ा ने 24 अप्रैल को कोल्डरिफ सिरप प्रकरण में आरोपियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर आदेश पारित किया गया। आवेदन में मांग की गई थी कि परासिया थाना तथा कुंडीपुरा थाना के संबंधित दोनों सत्र प्रकरणों की सुनवाई एक ही न्यायालय में संयुक्त रूप से कराई जाए। न्यायालय ने अभिलेखों, दोनों पक्षों के तर्कों एवं प्रकरण की परिस्थितियों पर विचार करने के पश्चात आवेदन निरस्त कर दिया। न्यायालय ने कहा कि दोनों मामलों के अपराध स्थल, पीड़ित, साक्ष्य एवं परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए संयुक्त विचारण उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों प्रकरण अपने-अपने सक्षम न्यायालयों में लंबित रहकर विधि अनुसार विचारण हेतु जारी रहेंगे। आदेश की प्रति संबंधित न्यायालयों को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की ओर से अजय पालीवाल लोक अभियोजक ने अपना पक्ष रखा।
