
ग्वालियर- सनातन धर्म मंदिर में इस वर्ष 100वां स्थापना दिवस और भगवान चक्रधर का 83वां प्रतिष्ठा उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मोहिनी एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई थी । पूरे मंदिर को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत व्यवस्थाएं भी की गई थी।
मंदिर के स्थापना दिवस पर भगवान के दर्शन के लिए सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा।
इस ऐतिहासिक अवसर को और भव्य बनाने के लिए मंदिर प्रांगण में एक विशाल मंच का निर्माण किया गया है। कार्यक्रम में प्रमुख आकर्षण भगवान चक्रधर के समक्ष अर्पित किया जाने वाला विशाल छप्पन भोग रहा इस वर्ष लगभग 10 क्विंटल छप्पन भोग तैयार किया गया था
सुबह से शुरु हुए धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे शहनाई वादन के साथ हुआ। इसके बाद भगवान चक्रधर और गिरिराजधरण का विशेष अभिषेक कर उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। प्रातः 9 बजे भगवान के विवाहों का पूर्णाभिषेक किया गया। साथ ही फूल बंगला सजाया गया।
छप्पन भोग को पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार पूर्ण शुद्धता के साथ तैयार किया गया था। इसके लिए मथुरा से विशेष कारीगरों को आमंत्रित किया था,जिन्होंने मंदिर परिसर में ही प्रसाद तैयार किया था। यह भोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी भव्यता भी भक्तों को आकर्षित कर रही थी। अध्यक्ष विजय गोयल ने बताया कि मंदिर समिति के अनुसार, इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल हुए। इसी को ध्यान में रखखते हुए सुरक्षा, जलपान और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी, सभी भक्तजनो ने सुगमता से कार्यक्रम का आनंद लिया।
शाम को लगा छप्पन भोग
शाम 6 बजे भगवान चक्रधर के समक्ष छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचें थे। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया उपस्थित रहे। इस अवसर पर करह धाम के महंत दीनबंधु दास महाराज को चक्रधर सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा श्रद्धालु दूर-दूर से आकर भगवान चक्रधर के दर्शन लाभ लेते रहे।
