छतरपुर: जिले में गेहूं खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। रामपुर और गौरगाय सेवा सहकारी समितियों में पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, भंडारण और बारदाने की कमी से किसान बेहाल हैं। कई किसान पिछले दो-तीन दिनों से खरीदी केंद्रों पर डेरा डाले हुए हैं, लेकिन उनकी फसल की खरीदी शुरू नहीं हो सकी है।रामपुर केंद्र पर केवल छोटे किसानों का ही पंजीयन किया जा रहा है, जबकि बड़े किसानों के लिए ऑनलाइन स्लॉट उपलब्ध नहीं हो रहे। इससे किसान खुले आसमान के नीचे तेज धूप में अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
समिति की भंडारण क्षमता 2000 क्विंटल है, लेकिन स्लॉट बुकिंग में देरी और खरीदी प्रक्रिया धीमी होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।वहीं गौरगाय सेवा सहकारी समिति में बारदाने की भारी कमी सामने आई है। यहां हजारों बोरी गेहूं खुले में पड़ा है, जबकि कई किसानों की उपज ट्रैक्टरों में लदी हुई खरीदी का इंतजार कर रही है। किसानों को डर है कि मौसम खराब होने या बारिश होने पर उनकी फसल खराब हो सकती है।
किसानों ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और कुछ स्थानों पर व्यापारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि समिति प्रबंधन का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और 40 रुपये बोनस निर्धारित किया है। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ा कर 9 मई और खरीदी की अंतिम तिथि 15 मई है। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
