हरिपाल, 26 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते हुए कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अदालतों को बार-बार दखल देना पड़ रहा है।
श्री मोदी 29 अप्रैल को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले हुगली जिले के आरामबाग स्थित हरिपाल में रविवार को एक रैली को संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने न्यायिक हस्तक्षेप का जिक्र करते हुए कहा, “आज हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को न्याय पाने के लिए बार-बार अदालतों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार से लेकर कोयला तस्करी या पशु तस्करी तक तृणमूल प्रशासन ने किसी भी मामले में ठीक से जांच नहीं की है। यही वजह है कि अदालतों को बार-बार दखल देना पड़ा है।”
प्रधानमंत्री ने आई-पीएसी मामले में हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “यह बेरहम सरकार केंद्रीय एजेंसियों की जांच में बार-बार बाधा डालती है। लेकिन हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल सरकार को जोरदार फटकार लगाई है। उसने जांच में बाधा डालने और सबूत मिटाने की कोशिशों को लोकतंत्र पर एक गंभीर हमला करार दिया है। न्यायालय ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के काम में कोई बाधा नहीं डाली जा सकती।”
आई-पीएसी प्रकरण प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें कोयला तस्करी मामले सहित कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इस साल के प्रारंभ में कोलकाता में ईडी की तलाशी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आई-पीएसी के संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचने से राजनीतिक टकराव और बढ़ गया था।
श्री मोदी ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य का शासन अब ‘नबन्ना’ (राज्य सचिवालय) से नहीं बल्कि ‘तृणमूल के गुंडों और बाहुबलियों’ के इशारे पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “तृणमूल सरकार ने अपने गलत कार्यों की वजह से लोगों का भरोसा पूरी तरह खो दिया है।”
