
सीधी। जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेंदुआ में एक ही रात दो किसानों के खलिहानों में लगी आग ने हड़कंप मचा दिया। एक घटना जहां बारात के दौरान छोड़े गए पटाखों से हुई, वहीं दूसरी घटना को लेकर जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई जा रही है। दोनों घटनाओं में किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदुआ गांव निवासी लालमणि कोरी के खलिहान में आग उस समय लगी जब गांव में राजीव लोचन द्विवेदी के यहां बारात आई हुई थी। बारात में की जा रही आतिशबाजी के दौरान एक पटाखा उड़कर लालमणि कोरी के खलिहान में जा गिरा। खलिहान में रखा सूखा भूसा और अनाज तुरंत आग की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पूरा खलिहान धू-धू कर जलने लगा।
वहीं दूसरी घटना में राजीव लोचन द्विवेदी के खलिहान में भी आग लग गई। इस मामले को लेकर स्थिति संदिग्ध बताई जा रही है। खेत में काम करने वाले एक मजदूर ने दावा किया है कि यह आग प्राकृतिक नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानबूझकर लगाई गई है। मजदूर के इस बयान के बाद गांव में आक्रोश बढ़ गया है और आगजनी की साजिश की चर्चा तेज हो गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक दोनों खलिहानों में रखा अनाज, भूसा और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
जमोड़ी पुलिस जांच में जुटी-
घटना की सूचना मिलते ही जमोड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है, वहीं संदिग्ध आगजनी के मामले में आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मुआवजे की मांग घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस दोहरी आगजनी की घटना ने गांव में भय और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं फायर ब्रिगेड की देरी ने व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
