
नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज दुनिया जिस तरह के तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं। श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को कहा “कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। मैं आप सभी देशवासियों को अपनी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूँ। भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने हमें सिखाया है कि शांति हमारे भीतर से शुरू होती है, उन्होंने बताया है कि स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय होती है। आज दुनिया जिस तरह के तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं।”
उन्होंने कहा,”दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ा रही है। लद्दाख में जन्मे ड्रबपोन ओत्जर रिनपोचे के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। ये संस्था ध्यान और करुणा को लोगों के जीवन से जोड़ रही है। कोचीगुआज घाटी में बना स्तूप लोगों को शांति का अनुभव कराता है। वाकई, यह देखकर गर्व होता है। भारत की प्राचीन धारा पूरी दुनिया तक पहुँच रही है। दूर-दराज के लोग भी इससे जुड़ रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा “बौद्ध परंपरा हमें प्रकृति से जुड़ना भी सिखाती है। भगवान बुद्ध को ज्ञान एक वृक्ष के नीचे मिला था। प्रकृति हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। देश में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। कर्नाटक में कर्मा मोनास्ट्री इसका अच्छा उदाहरण है। यह मठ एक जीवंत वन क्षेत्र है, जो, 100 एकड़ में फैला है। इस वन में 700 से अधिक देसी वृक्षों को संरक्षित किया गया है। साथियो, बुद्ध का संदेश सिर्फ अतीत नहीं है। यह आज भी प्रासंगिक है और भविष्य के लिए भी जरूरी है। बुद्ध पूर्णिमा का यह अवसर प्रेरणा देता है। हम अपने जीवन में शांति बढ़ाएँ, करुणा अपनाएं और संतुलन के साथ आगे बढ़ें।”
