
परासिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में परासिया नगर में आयोजित “प्रमुख जन संगोष्ठी” में नगर के गणमान्य नागरिकों एवं मातृ शक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रविन्द्र शंकर जोशी ज अखिल भारतीय कुटुंब प्रबोधन संयोजक ने संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में “पंच परिवर्तन” विषय पर अपने विचार विस्तार से प्रस्तुत किए। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने उद्बोधन में जोशी ने संयुक्त परिवार व्यवस्था को पुनः साकार करने की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की मूल शक्ति है, जो समाज में संस्कार, सहयोग एवं समरसता को सुदृढ़ बनाती है। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संतुलित उपयोग के प्रति समाज को जागरूक रहने का आह्वान किया।
संगोष्ठी के दौरान उपस्थित नागरिकों के साथ नागरिक कर्तव्यों के बोध पर भी सारगर्भित चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास के लिए प्रत्येक नागरिक का अपने कर्तव्यों के प्रति सजग एवं उत्तरदायी होना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर नगर संघ चालक अलकेश जैन भी उपस्थिति रहे साथ ही जिला प्रचारक अजय शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष प्रेरणा प्रदान की।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अपने विचारों एवं सुझावों के माध्यम से इस विमर्श को और अधिक प्रभावी बनाया। यह संगोष्ठी समाज में सकारात्मक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।
