
सारनी। हीरपल्ला गांव में मात्र एक हेडपंप बना जीवनरेखा, जल संकट ने बढ़ाई चिंता,ग्रीष्मकाल की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र के गांवों में भीषण जल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तवा नदी का पानी पूरी तरह सूख चुका है, जिससे आसपास के गांवों में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। गांव के लगभग सभी हेडपंप जवाब दे चुके हैं और मात्र एक हेडपंप ही ग्रामीणों के लिए सहारा बना हुआ है।
हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रात 3 बजे से लेकर अगले दिन रात 11 बजे तक लंबी कतारों में लगकर सिर्फ पीने का पानी भरना पड़ रहा है। बीते चार वर्षों से लगातार गिरते जल स्तर ने अब भयावह रूप ले लिया है, जिससे न केवल इंसान बल्कि जंगलों में रहने वाले वन्य जीव और ग्रामीणों के पशु भी पानी के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीणों ने इस समस्या की सूचना सरपंच और सचिव को कई बार दी, मगर अब तक कोई ठोस पहल या समाधान सामने नहीं आ सका है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते ग्रामवासी आक्रोशित और निराश नजर आ रहे हैं।
गांव के दुर्गेश सलाम, मनीराम सलाम, नाथूराम सलाम, अशोक नारे, श्यामू सलाम, बृजलाल सलाम, मिश्रीलाल भास्कर, देवरा नरेश, सुखचंद नारे और मेश्राम सलाम ने बताया कि जल स्तर इतना नीचे चला गया है कि खेतों में फसल की वृद्धि भी प्रभावित हो रही है। पीने के पानी के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है, वहीं पशुओं के लिए पानी जुटाना भी बड़ी चुनौती बन चुका है।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी विकट हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस गंभीर जल संकट से राहत मिल सके। सचिव अंजली ने बताया कि कुछ दिनों पहले मीटिंग में तीनों हैंड पम्प में पाइप बढ़ाकर लगाने का प्रस्ताव पीएचई विभाग अधिकारी के समक्ष रखा गया है। जल्द ही तीनों हैंड पम्प चालू हो जाएंगे।
इनका कहना है कि
पीएचई विभाग के द्वारा काम चालू है कुआं व झिरिया में मोटर जल्द ही डाल रहे हैं नलजल योजना के अंतर्गत दो दिनों में पानी साफ करके जल्द ही पानी की व्यवस्था की जाएगी।जल्द ही हैंड पम्प भी सुधारा जाएगा।
भोगई खापा सचिव अंजली
