ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये चाहिए, प्राकृतिक संसाधनों के लिये नहीं: ट्रंप

वाशिंगटन, 23 दिसंबर (वार्ता/ शिन्हुआ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने के अपने इरादे को दोहराते हुए कहा है कि यह क्षेत्र उन्हें ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए’ चाहिए, न कि प्राकृतिक संसाधनों के लिये। श्री ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच पर संवाददाताओं से कहा, “ हमें ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये चाहिए, न कि खनिजों के लिये।” श्री ट्रंप का यह बयान उनके प्रशासन के पिछले बयान से मेल नहीं खाता, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्कटिक रणनीति और अहम खनिजों एवं प्राकृतिक संसाधनों की संभावनाओं के लिये ग्रीनलैंड चाहता है। श्री ट्रंप ने रविवार को लुइज़ियाना के गवर्नर जेफ़ लैंड्री को ग्रीनलैंड में अपना विशेष दूत नियुक्त किया था। अमेरिका के राष्ट्रपति ने फ्लोरिडा में कहा, “ हमें ग्रीनलैंड चाहिए ही चाहिए और लैंड्री हमारी कोशिश की अगुवाई करना चाहते थे। वह कहते हैं कि वह (ग्रीनलैंड) डेनमार्क का है। डेनमार्क ने उस पर कोई खर्च नहीं किया और उसके पास कोई सैन्य सुरक्षा नहीं है। ”
इसके जवाब में श्री लैंड्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि विशेष दूत का पद ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने के लिये एक स्वैच्छिक पद होगा। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक पूर्व औपनिवेशिक क्षेत्र है, जिसे 1979 में स्वराज का अधिकार दिया गया था। डेनमार्क ने 2009 में ग्रीनलैंड के स्वराज से जुड़ा अधिनियम अपनी संसद में पारित किया था, जिसके बाद इस द्वीप को अपने आंतरिक मामलों में फैसले लेने की आज़ादी मिल गयी। डेनमार्क के प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, ग्रीनलैंड के विदेशी मामलों, रक्षा और सुरक्षा नीति पर अब भी डेनमार्क का ही अधिकार है।

ग्रीनलैंड के लिये श्री ट्रंप के दूत की नियुक्ति से ग्रीनलैंड, डेनमार्क और यूरोपीय संघ में कड़ी राजनयिक उथल-पुथल हुई है। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने सोमवार को कहा कि वह इस नियुक्ति को लेकर डेनमार्क में अमेरिकी राजदूत केनेथ होवेरी को बुलाएंगे। श्री रासमुसेन ने डेनमार्क के प्रसारक टीवी 2 से कहा, “ मैं इस विशेष दूत की नियुक्ति से बहुत परेशान हूं। मैं खास तौर पर दूत के बयानों से परेशान हूं, जिन्हें हम बिल्कुल भी स्वीकार नहीं कर सकते। ”
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि वे अमेरिका से अपनी ‘ संयुक्त क्षेत्रीय अखंडता’ के लिये सम्मान की उम्मीद करते हैं। बयान में कहा गया, “ हमने यह पहले भी बहुत साफ कहा है। अब हम इसे फिर से कहते हैं। आप दूसरे देशों पर कब्ज़ा नहीं कर सकते। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के तर्क से भी नहीं। ग्रीनलैंड यहां के लोगों का है, और अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा नहीं करना चाहिये। ”
यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनवर एल अनौनी ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ डेनमार्क साम्राज्य की क्षेत्रीय अखंडता, उसकी संप्रभुता और उसकी सीमाओं की पवित्रता बनाये रखना यूरोपीय संघ के लिये ज़रूरी है। इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ का रुख एक लंबे समय से चली आ रही स्थिति पर आधारित है। ”

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