
बैतूल। इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा गवासेन के समीप एक मोड़ पर तब हुआ जब एक ट्रॉला अचानक ब्रेक लगाने के दौरान असंतुलित हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रॉला पांढुर्णा से हरदा की ओर जा रहा था और उसमें सैकड़ों क्विंटल वजनी लोहे की चादर का बड़ा रोल लदा हुआ था। उतराई वाले मोड़ पर चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाए जाने से यह भारी रोल खिसककर आगे की ओर आया और ट्रॉले का केबिन तोड़ते हुए उसमें सवार लोगों पर गिर गया। हादसे में चालक, हेल्पर और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों के शव ट्रॉले पर बुरी तरह फंस गए। शवों को बाहर निकालने के लिए कटर की मदद लेनी पड़ी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हरदा और बैतूल जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, दुर्घटना स्थल वन क्षेत्र में होने और मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण सूचना देने में देरी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगे मोबाइल टावर अक्सर बंद रहते हैं, जिससे आपात स्थिति में संपर्क करना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस के अनुसार, ट्रॉला पांढुर्णा निवासी संदीप चला रहा था, जिसकी पहचान आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर की गई है। अन्य दो मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
शाहपुर एसडीओपी राजेश तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए प्रकरण दर्ज कर लिया है।
यह हादसा एक बार फिर भारी वाहनों में लोडिंग सुरक्षा और पहाड़ी/मोड़ वाले रास्तों पर सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
