
सीधी। जिला जेल पडरा में बंद पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कैदी रजनीश दुबे पिता शशिप्रकाश दुबे उम्र 40 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 3 नगर परिषद चुरहट करीब तीन वर्षों से न्यायिक हिरासत में जेल में निरुद्ध था। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रजनीश दुबे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते उसकी हालत तेजी से खराब होती चली गई। जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण रजनीश की जान गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाती, तो उसकी मौत टाली जा सकती थी।
जुडिशियल जांच के बीच पोस्टमार्टम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आज पोस्टमार्टम न्यायिक निगरानी में कराया गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। इस दौरान न्यायाधीश विनोद वर्मा एवं मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जेल अधीक्षक ने साधी चुप्पी
जिला जेल अधीक्षक रवि शंकर सिंह ने मामले में बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि प्रकरण की न्यायिक जांच चल रही है, इसलिए फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
