हैदराबाद | भारत राष्ट्र समिति (BRS) से निष्कासित होने के लगभग सात महीने बाद पूर्व एमएलसी के. कविता ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) के गठन की आधिकारिक घोषणा की। हैदराबाद में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कविता ने इस नाम का चयन कर सबको चौंका दिया, क्योंकि उनके पिता के. चंद्रशेखर राव की मूल पार्टी का नाम भी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ही था। पार्टी लॉन्च करने से पहले उन्होंने हैदराबाद के गन पार्क स्थित अमरवीरुला स्तूपम पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कविता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य की उन क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करेगी, जिन्हें बीआरएस ने अपना नाम और ‘आत्मा’ बदलकर पीछे छोड़ दिया है।
पार्टी लॉन्च के दौरान कविता का दर्द भी छलक उठा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि उन्हें और उनके समर्थकों को बीआरएस से निकाला गया था, उन्होंने खुद पार्टी नहीं छोड़ी। के. कविता ने अपने चचेरे भाइयों टी. हरीश राव और जे. संतोष राव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ मिलकर परिवार और पार्टी को खत्म करने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि भले ही उनका परिवार या पुरानी पार्टी उनके साथ न हो, लेकिन तेलंगाना की जनता ही उनका असली परिवार है। कविता ने जोर देकर कहा कि उनकी रगों में तेलंगाना का खून दौड़ता है और वे अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
सितंबर 2025 में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित होने के बाद कविता ने ‘तेलंगाना जागृति’ एनजीओ के माध्यम से अपनी जमीन तैयार की थी। अब ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ के साथ वे राज्य की राजनीति में एक स्वतंत्र शक्ति के रूप में उभरने की कोशिश कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘TRS’ नाम का दोबारा इस्तेमाल कर वे केसीआर के पुराने समर्थकों और तेलंगाना आंदोलन के भावनाओं को अपनी ओर आकर्षित करना चाहती हैं। यह कदम न केवल बीआरएस के भविष्य के लिए चुनौती बनेगा, बल्कि राज्य के त्रिकोणीय मुकाबले में एक नया अध्याय भी जोड़ देगा।

