जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अंतरिम आदेश के जरिए समिति प्रंबंधक व सेल्समैन के कटौती आदेश पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ता बालाघाट निवासी बसंत सोनी, तामेश्वर कटारे, मनोज नागपुरे, बेकेश्वर नागपुरे व कोमल प्रसाद की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी व अभिषेक मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता सहकारी समिति, खुदसोद्दी, बालाघाट में समति प्रबंधक, सेल्समैन व लिपिक के पदों पर लगभग 20 बरसों से कार्यरत हैं।
मप्र शासन द्वारा 30 मई 2013 को राजपत्र में प्रकाशन किया कि 10 वर्ष से अधिक कार्य करने वाले कर्मचारियों को 1500 और 20 वर्ष से अधिक कार्य करने वाले कर्मचारियों को 2500 रुपये प्रतिमाह भत्ते के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इसी अनुरूप भत्ता प्रदान किया जा रहा था। 16 नवंबर 2025 को उपायुक्त सहकारिता, बालाघाट ने प्रतिमाह मिलने वाले वेतन भत्ते पर रोक लगा दी। यही नहीं पूर्व में प्रदान की गई राशि की कटौती का भी आदेश पारित कर दिया। जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
