
भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने शुक्रवार को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस इंटरैक्टिव सत्र में प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान, आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों और विभिन्न सेवाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।
सत्र में कोर्स डायरेक्टर अनुपमा रावत के साथ 2014, 2015 और 2025 बैच के आईएफएस अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों का परिचय डॉ. विनीत कपूर ने कराया।
आईएफएस अधिकारियों का स्वागत करते हुए डीजीपी मकवाणा ने विदेशों में भारत की छवि और विश्वसनीयता प्रस्तुत करने में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता को सेवा की आधारशिला बताया। अपने 38 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ पुलिसिंग में व्यापक बदलाव आया है, जिसमें ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और सीसीटीएनएस जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
उन्होंने “नशा से दूरी है जरूरी” और “सेफ क्लिक” जैसे जागरूकता अभियानों का उल्लेख करते हुए पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान कार्यक्रमों की जानकारी दी। मकवाणा ने मादक पदार्थों और साइबर अपराध को वर्तमान की प्रमुख चुनौतियां बताया तथा एक लाख रुपये से अधिक के साइबर धोखाधड़ी मामलों में अनिवार्य ई-जीरो एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था की जानकारी दी।
सिंगरौली बैंक डकैती जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने टीमवर्क और खुफिया समन्वय के महत्व पर जोर दिया। आईएफएस अधिकारियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रशिक्षण को समृद्ध अनुभव बताया और सिंगापुर, फ्रांस व जापान जैसे देशों में अपनी तैनाती के अनुभव साझा किए।
सत्र का समापन शासन, पुलिसिंग और वैश्विक कूटनीतिक दायित्वों की बेहतर समझ के साथ हुआ।
