इंदौर: शहर में चंद्रगुप्त मौर्य से विजयनगर चौराहे तक मेट्रो ट्रैक के नीचे नगर निगम द्वारा विकसित हरियाली और डिवाइडर पर विज्ञापन बोर्ड हटा दिए गए. विज्ञापन बोर्ड के बेतरतीब तरीके से लगाने के कारण शहर की सुंदरता और हरियाली खराब हो रही थी. उक्त विज्ञापन बोर्ड लगाने के निगम एमआईसी सदस्य ने जमकर विरोध किया था. गलत तरीके और बिना अनुमति के विज्ञापन बोर्ड लगाने का मामला विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंच गया था.
शहर में मेट्रो रेल लाइन के नीचे नगद निगम द्वारा एमआर 10 सड़क पर डिवाइडर निर्माण कर हरियाली और सौंदर्यीकरण कार्य किया गया था. डिवाइडर निर्माण का कुछ काम भी बड़ी था. इस बीच दीपक एडवरटाइजिंग कंपनी द्वारा विज्ञापन बोर्ड लगा दिए गए थे. एमआर-10 सड़क पर कंपनी ने लॉलीपॉप होर्डिंग्स खड़े कर दिए. इसकी अनुमति निगम द्वारा नहीं दी गई थी, इसके बावजूद विज्ञापन कंपनी ने एमआर-10 पर मेट्रो लाइन के नीचे निगम द्वारा विकसित हरियाली के बीच लॉलीपॉप होर्डिंग्स खड़े कर दिए. साथ ही विरोध के बावजूद एलईडी होर्डिंग्स भी लगा दिए गए थे. यह सब काम एक रात में हुआ था.
जांच के दिए थे निर्देश
एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने इसको लेकर जमकर विरोध किया था। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को शिकायत मिलने पर उन्होंने विज्ञापन बोर्ड की जांच के निर्देश दिए थे। आखिरकार विज्ञापन कंपनी दीपक एडवरटाइजिंग द्वारा लगाए गए सभी विज्ञापन बोर्ड हटा लिए गए।
