नई दिल्ली, देशभर के रेस्टोरेंटों और होटलों में ग्राहकों की अनुमति के बिना बिल में चुपचाप ‘सर्विस चार्ज’ जोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कड़ा कदम उठाया है। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर लगातार मिल रही शिकायतों का स्वतः संज्ञान लेते हुए, सीसीपीए ने 41 नामी और बड़े रेस्टोरेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार का यह सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने वाले व्यापारिक तरीकों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चायोस समेत प्रमुख ब्रांड्स पर जुर्माना
जांच में पाया गया कि ये रेस्टोरेंट उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे। इसी कड़ी में प्रसिद्ध टी-चेन ‘चायोस’ पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उसे अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में तुरंत बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऑटोमैटिक सर्विस चार्ज न जोड़ा जा सके। इसके अलावा, कैफे ब्लू बॉटल, चाइना गेट और बारबेक्यू नेशन जैसे अन्य प्रमुख ब्रांड्स के खिलाफ भी कड़े आदेश पारित किए जा चुके हैं।
ग्राहकों के कानूनी अधिकार और शिकायत प्रक्रिया
भारत सरकार के नियमों के अनुसार कोई भी रेस्टोरेंट ग्राहकों पर सर्विस चार्ज थोप नहीं सकता और न ही इसे अनिवार्य कर सकता है। यदि कोई होटल या रेस्टोरेंट बिल में जबरन सर्विस चार्ज जोड़ता है, तो ग्राहक उसे हटाने के लिए कह सकते हैं। यदि वे इनकार करें, तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल करके या NNCH पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे अनावश्यक वित्तीय ठगी से बचा जा सके।

