पराली के सुरक्षित निष्पादन की संभावनाएं पता करने पहुंचे
प्रगतिशील किसान की गुलाब की खेती भी देखी
इंदौर: कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर जिले में पराली के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल निष्पादन की संभावनाएं पता करने के मद्देनजर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाईयों का अवलोकन किया गया. यह इकाईया बॉयोमास ईंधन और सीएनजी उत्पादन संबंधित है. उन्होंने इन इकाइयों में इंदौर जिले में पराली (नरवाई) के सुरक्षित निष्पादन के संबंध में संभावनाएं पता की. उन्होंने कहा कि इन इकाइयों में कृषि अवशेषों के निष्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं. अगर सभी कृषक इन इकाइयों में अपने कृषि अवशेष देंगे तो नरवाई का बेहतर उपयोग होगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तथा किसानों को भी दोहरा लाभ मिलेगा. उनकी आय में भी वृद्धि होगी.
कलेक्टर आशीष सिंह ने अपने भ्रमण की शुरूआत डकाच्या में निर्माणाधीन रिलायंस बॉयो एनर्जी प्लांट के अवलोकन के साथ की. उन्होंने यहां प्लांट के संबंध में विस्तार से जानकारी ली. बताया गया कि यह प्लांट मार्च माह में बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्लांट में बॉयोमास ईंधन बनेगा. यह बॉयोमास कृषकों से क्रय किया जाएगा. कलेक्टर ने कहा कि इस प्लांट में इंदौर जिले के कृषि अवशेषों(पराली) का भरपूर उपयोग किया जाए. इससे पराली जलाने की कुप्रथा रुकेगी. किसानों को दोहरा लाभ होगा. जहां एक और उनकी उपज का मूल्य तो मिलेगा ही पराली का भी दाम मिलेगा. पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. उन्होंने इस प्लांट में गेहूं की पराली के उपयोग के संबंध में भी प्लांट के अधिकारियों से चर्चा की. साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्लांट में नगर निगम और जिले की ग्राम पंचायतों से निकलने वाले बॉयोमास का भी उपयोग किया जा सकता है.
अन्य प्लाटों को भी देखा
इसी तरह उन्होंने तिल्लौर में बॉयोमास से बनने वाले पैलेट्स और ब्रिकेट्स की औद्योगिक इकाई ममलेश्वर प्लांट को भी देखा. यहां भी बॉयोमास से पैलेट्स और ब्रिकेट्स का निर्माण किया जा रहा है. इसी तरह उन्होंने तिल्लौर में ही राज्य शासन के उद्यानिकी विभाग के सहयोग से संचालित आलू चिप्स निर्माण इकाई श्रुति स्नेक्स प्राईवेट लिमिटेड के प्लांट का अवलोकन किया. इसके पश्चात वे ग्राम बिहाडिया में एक प्रगतिशील किसान नन्द किशोर यादव के खेत भी पहुँचे। यहां उन्होंने पॉलीहाउस में की जा रही गुलाब की खेती को देखा. उन्होंने कहा कि यह एक लाभदायक खेती है. इसके बाद वे सनावदिया ग्राम में समाजसेवी जनक पलटा से मिलने पहुँचे. यहां उन्होंने जनक पलटा द्वारा किये जा रहे कार्यों और नवाचार को देखा. इस दौरान उनके साथ उपसंचालक कृषि एस.एस. राजपूत सहित अन्य अधिकारी भी थे।
