
भोपाल। सागर पुलिस ने बेरोजगार और सामान्य लोगों के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी फर्में बनाने तथा साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में मकरोनिया पुलिस ने की। जांच की शुरुआत 13 अगस्त को मिली शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ‘ग्लैमर एंटरप्राइजेज’ नाम से फर्जी फर्म बनाई गई और उसके नाम पर फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में चालू खाता खोला गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि फरवरी 2026 से इस खाते में करीब 90 लाख रुपये का लेन-देन हुआ। तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के दौरान अब तक 16 से अधिक संदिग्ध फर्जी फर्मों का पता चला है, जिनसे जुड़े लेन-देन का आंकड़ा 5.5 करोड़ रुपये से अधिक है।
जांच के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर लोगों को कमीशन और आसानी से पैसा कमाने का लालच देकर उनके आधार सहित अन्य दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्म और बैंक खाते खोले जाते थे, जिन्हें बाद में गिरोह नियंत्रित कर संदिग्ध साइबर ठगी की रकम के हस्तांतरण में इस्तेमाल करता था।
पुलिस फर्म पंजीयन और बैंकिंग प्रक्रिया में संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने नागरिकों से बैंक खाते, कार्ड, ओटीपी अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज कमीशन या आसान कमाई के लालच में किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।
