
गुना। कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग पीछे छोड़ ही जाता है। गुना जिले के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के बीनागंज में हुई एक अजीबो-गरीब ठगी के मामले में भी ऐसा ही हुआ। महज एक स्कूटी पर लगी लाल रंग की रेडियम पट्टी के सुराग ने पुलिस को आरोपी के गिरेबान तक पहुँचा दिया।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी हितिका वासल ने बताया कि बीनागंज की एक महिला ने 14 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर शादी का कार्ड देने के बहाने आया था। उसने महिला को अपने झांसे में लेते हुए दावा किया कि उस पर ‘देवता’ आते हैं और वह उसकी सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। समाधान के बहाने वह महिला के कीमती गहने लेकर रफूचक्कर हो गया। महिला के पास आरोपी का न तो नाम था और न ही पता। आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसकी स्कूटी पर लगी एक खास लाल रेडियम की पट्टी पुलिस की नजर में आ गई। चांचौड़ा पुलिस ने आरोपी को ट्रैक करने के लिए गुना और पड़ोसी जिले अशोकनगर में जाल बिछाया। पुलिस टीम ने करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसके बाद आरोपी की शिनाख्त हो सकी। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजू उर्फ दीपक पुत्र वीरेंद्र विश्वकर्मा निवासी दुबे कॉलोनी, अशोकनगर उम्र 28 साल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से ठगी का सोना बरामद कर लिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने राघौगढ़, शिवपुरी और राजगढ़ क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके। पुलिस ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए अशोकनगर के उस सुनार के खिलाफ भी केस दर्ज किया है, जिसे आरोपी ने चोरी और ठगी का सामान बेचा था। एसपी ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे पाखंडी और अंधविश्वास फैलाने वाले व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।
