कोलकाता, 23 अप्रैल (वार्ता) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में शुरुआती छह घंटों में अपराह्न एक बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
राज्य के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में सबसे अधिक 65.77 प्रतिशत और मालदा जिले में सबसे कम 58.45 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के 16 जिलों में से चार जिलों में 60 से कम और 12 जिलों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। बीरभूम जिले में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में कांग्रेस का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। इसके अलावा कहीं से कोई अप्रिय घटना की रिपोर्ट सामने नहीं आयी है। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है।
राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से पहले चरण में आज 152 सीटों पर मतदान जारी है। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया और शाम छह बजे तक चलेगा। बंगाल में भीषण गर्मी के बावजूद सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही कतार में देखी गयी है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए 16 जिलों में 44,378 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। इस चरण में उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल अंचल के पांच जिलों के मतदाता वोटिंग कर रहे हैं। इन जिलों में पुरुलिया, बांकुड़ा, झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। पहले चरण के मतदान पर जिन सीटों पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, उनमें नंदीग्राम, खड़गपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और झारग्राम सीटों शामिल हैं।
राज्य में दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान कराया जायेगा।
चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किये हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गयी है। आयोग ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल में वाम समर्थकों को कथित तौर पर वोट डालने से रोकने के मामले में रिपोर्ट मांगी है।
चुनावी राज्य में सिलीगुड़ी और माटीगाड़ा में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
राज्य में पहले चरण में कुल 1,478 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में मतदाताओं की कुल संख्या 3.60 करोड से अधिक है, जिनमें 1.84 करोड़ पुरुष, 1.74 करोड़ महिलाएं और 465 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं।
मतदान के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सील करके मतगणना केंद्रों के ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में ले जायी जाएंगी, जहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किये जायेंगे।
